केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी आईआईएससी बेंगलुरु में सेवा प्रथम नवाचार चुनौती का उद्घाटन करेंगे
Reporter: PIB Health Updates
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी कल बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में सेवा प्रथम नवाचार चुनौती (एसएफआईसी) का उद्घाटन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को अपने समुदायों में मौजूद समस्याओं की पहचान करने और ऐसे समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है जिनका परीक्षण, सुधार और कार्यान्वयन किया जा सके। इस चुनौती में 5 राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तथा 3 केंद्र शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुदुचेरी शामिल होंगे।
इस प्रतियोगिता में स्कूलों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), पॉलिटेक्निक, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के युवा प्रतिभागी भाग लेंगे। इसमें भागीदारी के तीन स्तर – जूनियर, तकनीकी और ओपन हैं। इसमें कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्र जूनियर स्तर पर भाग ले सकते हैं। इस स्तर पर छात्र स्थानीय समस्याओं की पहचान कर सकते हैं और सरल व्यावहारिक समाधान या तर्कसंगत सेवा एवं शासन संबंधी विचार विकसित कर सकते हैं। आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्र इंजीनियरिंग, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिकी और प्रक्रिया समाधानों पर व्यावहारिक कार्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जबकि स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थियों से प्रोटोटाइप या प्रायोगिक परियोजना प्रदर्शित करने और उन्हें लागू करने का विश्वसनीय मार्ग प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाएगी।
इस प्रतियोगिता का मुख्य पांच राष्ट्रीय विषय हैं, जिनमें शामिल हैं: 1) स्वच्छ और सतत भारत, 2) समृद्ध किसान, समृद्ध भारत, 3) स्वस्थ और समावेशी भारत, 4) शिक्षित और कुशल भारत और 5) सुरक्षित भारत। इस प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण 25 सितंबर से 24 अक्टूबर 2026 तक होगा। इसका समापन राष्ट्रीय फाइनल के साथ होगा, जो 10 से 17 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
प्रतिभागियों को अकादमिक और उद्योग जगत से मार्गदर्शन, प्रयोगशालाओं, निर्माण सुविधाओं, परीक्षण सहायता, इनक्यूबेशन, प्रारंभिक और प्रायोगिक वित्तपोषण, क्षेत्र परीक्षण के अवसर और बौद्धिक संपदा संरक्षण पर सलाह प्राप्त होगी। आशाजनक समाधानों को मंत्रालयों, राज्य सरकारों, शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग जगत से भी जोड़ा जा सकता है ताकि उन्हें अपनाया जा सके।
इस चुनौती का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसमें आईआईएससी बेंगलुरु नोडल संस्थान के रूप में कार्य कर रहा है।
इस पहल का उद्देश्य समुदाय आधारित नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है, जिससे युवा लोग समस्याओं की पहचान करने से लेकर समाधान तैयार करने तक की दिशा में आगे बढ़ सकें और विकसित भारत @ 2047 की परिकल्पना में योगदान दे सकें।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया आधिकारिक वेबसाइट https://sevafirst.mic.gov.in/ पर जाएं।
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