फसल अवशेष जलाने पर हो सकती है कानूनी कार्यवाही- डीसी अभिषेक मीणा
Reporter: हरियाणा जनसंपर्क
फसल अवशेष जलाने पर हो सकती है कानूनी कार्यवाही- डीसी अभिषेक मीणा
मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
Posted On:
24 Sep 2026 4:41PM
रेवाड़ी, 24 सितंबर।धान की कटाई के बाद उसकी पराली को जलाना कानूनी अपराध है। धान के फसल अवशेष को किसान ना जलाएं, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सकती है। जिला प्रशासन की ओर से इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान डीसी अभिषेक मीणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला में जाटूसाना ब्लाॅक में धान का करीब 4 हजार 784 एकड़ रकबा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के अनुसार दर्ज किया गया है। इसमें 3629 एकड़ में बासमती और 1155 एकड़ में धान की अन्य किस्में लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने धान की रोपाई वाले गांवों में 132 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जो कि पराली जलाने पर निगरानी रखेंगे। इसके अलावा हरसेक द्वारा सैटेलाइट से भी फसल अवशेष जलाने पर निगरानी रखी जा रही है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत पराली जलाना कानूनी अपराध है। फसल अवशेष जलाने का कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने बताया कि विगत तीन वर्षों में धान की पराली जलाने की जिला में कोई घटना नहीं हुई है।वीडियो कांफ्रेंस में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि कृषि अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को समझाएं कि फसल अवशेष जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति क्षीण हो जाती है। इससे खेत में मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों के उपयोग और अनुदान योजनाओं की किसानों को जानकारी दी जाए।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. राकेश कुमार, सहायक कृषि अभियंता दिनेश शर्मा, तकनीकी सहायक डा. मनोज कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।---------
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(Release ID: 7186)