पराली जलाने के मामले पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें नोडल अधिकारी : डीसी अपराजिता फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर डीसी अपराजिता ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक, जिले में तैनात किए 629 नोडल अधिकारी Posted On: 24 Sep 2026 3:33PM कैथल, 24 सितंबर। डीसी अपरजिता ने कहा कि जिले में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए धरातल स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों के साथ लगातार संवाद स्थापित कर उन्हें फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक किया जाए। हॉटस्पॉट गांवों में विशेष फोकस रखा जाए। फसल अवशेष प्रबंधन के पूरे अभियान में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।          डीसी अपराजिता वीरवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कांफ्रेंस रूम में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ फसल अवशेष प्रबंधन एवं पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम को लेकर अब तक की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।          डीसी अपराजिता ने मुख्य सचिव को अवगत करवाया कि जिले में फसल अवशेष प्रबंधन की निगरानी के लिए 629 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो संबंधित एचसीएस अधिकारियों के निर्देशन में फील्ड में निगरानी कर रहे हैं। जिले में कैलरम गांव रेड जोन में शामिल है, जबकि 16 गांव येलो जोन में रखे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में इन सीटू व एक्स सीटू मशीनरी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। इन मशीनों के प्रभावी उपयोग के लिए संबंधित अधिकारियों को किसानों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में धारा 163 लागू कर दी है। साथ ही किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि अगर वे पराली जलाते हुए पाए गए तो जुर्माना व राजस्व रिकार्ड में रेड एंट्री सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।          इसके बाद डीसी ने जिला अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को मशीनरी, तकनीकी जानकारी और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी समय पर मिलनी चाहिए। पराली जलाने की किसी भी घटना पर तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसानों के साथ संवाद किया जाए और उन्हें पराली जलाने के नुकसान तथा सरकार द्वारा फसल अवशेष के उचित प्रबंधन करने पर सरकार द्वारा दी जा रही प्रोत्साहन राशि के बारे में जानकारी दी जाए। सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई मशीनरी का लाभ किसानों तक पहुंचाने और उसके अधिकतम उपयोग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके साथ ही पराली से तैयार बेल्स के भंडारण के लिए स्टोरेज यार्ड एवं अन्य उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए।          इस अवसर पर डीडीए रविंद्र कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, एसडीओ सतीश नारा, जगदीश चंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।   *****   (Release ID: 7152)