बिहार गति की परियोजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण करने का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश
Reporter: बिहार सूचना एवं जनसंपर्क
‘बिहार गति’ कीे परियोजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण करने
संख्या-बउ.631
22ध्09ध्2026
का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देष
मुख्य बिंदु:-
• इंटीग्रेटड
े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (प्डब्), गया का अक्टूबर
के दूसरे सप्ताह में शुभारंभ करने का दिया निर्देष, इससे
लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का आयेगा निवेष।
• आंगनवाड़ी एवं संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय का
भुगतान दशहरा से पहले अनिवार्य रूप से सुनिश्चित
करने का निर्देश।
• औरंगाबाद, सासाराम एवं डेहरी पेयजल आपूर्ति योजना
को तेजी से पूर्ण करने का निर्देष।
• मधुबनी के जयनगर में कमला नदी पर बैराज निर्माण
कार्य को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश।
• दक्षिण बिहार की नहरों एवं नदियों के तटबंधों के
सोलराइजेशन के लिए कार्ययोजना तैयार करने का
निर्देश।
पटना 22 सितम्बर 2026:- मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित
‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार गति’ के अंतर्गत राज्य में क्रियान्वित 100 करोड़ रूपये से अधिक
राशि की परियोजनाओं एवं अन्य केद्रं प्रायोजित तथा राज्य योजनाओं की समीक्षा की। ‘बिहार
गति’ के अन्तर्गत चिन्हित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन
विभाग, उद्योग विभाग एवं समाज कल्याण विभाग से जुड ़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओ की प्रगति
की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल,
जल संसाधन विभाग के सचिव डाॅ0 चन्द्रषेखर सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार
एव समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री विनोद सिंह गुंजियाल ने अपने-अपने विभागों में
क्रियान्वित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने
अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और
निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होनं े परियोजनाओं
की नियमित मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष
ध्यान देने को कहा।
बैठक में सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर-कटोरिया-चन्दन-दर्दमारा सड़क से
संबंधित योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस सड़क के 0.0
किलोमीटर से 40.0 किलोमीटर तक के हिस्से को फोर लेन बनाने के लिए विस्तृत योजना
तैयार की जाए। बेलहर से दर्दमारा तक भी फोर लेन सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया
जाए। उन्होनं े कहा कि सड़क परियोजना की आवश्यकताओं एवं भविष्य की यातायात जरूरतों
को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाये।ं
बैठक में औरग ं ाबाद, सासाराम एवं डेहरी शहरों में पेयजल आपूर्ति योजना की भी
समीक्षा की गई। इस योजना के माध्यम से सोन नदी के सतही जल का उपयोग पेयजल के
रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने परियोजना की गुणवत्ता एवं प्रगति की निरंतर निगरानी
करने तथा कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होनं े कहा कि
लोगों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी
प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। मधुबनी जिले के जयनगर में कमला नदी पर बैराज
निर्माण से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को
परियोजना के कार्यों में तेजी लाने तथा आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने
का निर्देश दिया। उन्होनं े कहा कि जल संसाधन एवं सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं को प्रभावी
ढंग से आगे बढ़ायें ताकि किसानों को इसका ससमय लाभ मिल सके।
औद्योगिक विकास से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने
अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (।ज्ञप्ब्) के तहत गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग
क्लस्टर (प्डब्) का अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुभारंभ करने का निर्देष दिया। गया में
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर ( प्डब्) के शुरू होने से बिहार में लगभग 20 हजार करोड़
रूपये का निवेष आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आवश्यक
आधारभूत संरचना एवं अन्य सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से विकसित करे।ं
बैठक में दक्षिण बिहार की सभी नहरों एवं नदियों के तटबंधों के सोलराइजेशन की
दिशा में भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में संभावनाओं का
अध्ययन कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होनं े सौर ऊर्जा के
उपयोग को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर
दिया।
बैठक में समाज कल्याण विभाग एवं समेकित बाल विकास सेवाएं ( प्ब्क्ै) के अंतर्गत
संचालित प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0,
मिशन शक्ति-सामथ्र्य तथा किशोरी बालिकाओं के लिए भोजन योजना शामिल हैं। समीक्षा के
दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी कर्मियों एवं संबंधित कर्मियों के लंबित मानदेय
का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होनं े कहा कि महिला
एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचना चाहिए।
आंगनवाड़ी सेवाओं एवं पोषण संबंधी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा भी
सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बिहार गति’ के तहत 100 करोड़ रूपये से अधिक की
परियोजनाएं राज्य के विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण
हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से राज्य में सड़क, पेयजल, सिंचाई, औद्योगिक
विकास, ऊर्जा तथा सामाजिक क्षेत्र की सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होनं े
अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी-अपनी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की
नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करे।ं जहां भी किसी परियोजना में बाधा या विलंब हो, उसे
चिह्नित कर उसके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होनं े कहा कि परियोजनाओं
में गति, कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का पालन करे।ं सभी संबंधित विभाग
आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक तेजी से
पहुंचायें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार
सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किषोर, पथ
निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेष कुमार सिंह,
उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अजय यादव, मुख्यमंत्री
के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री जय सिंह,
समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री विनोद सिंह गुंजियाल, खेल विभाग के सचिव श्री दीपक
आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव डाॅ0 चन्द्रषेखर सिंह, बियाडा के प्रबध्ं ा निदेषक श्री
नवीन कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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